केएमपी (कुंडली-मानेसर-पलवल) एक्सप्रेसवे पर 31 मार्च की आधी रात से नई टोल दरें लागू कर दी गई हैं, जिससे इस मार्ग पर यात्रा पहले की तुलना में महंगी हो गई है। अधिकारियों के अनुसार, टोल शुल्क में औसतन लगभग 2.8% की वृद्धि की गई है।
नई दरों के तहत प्रति किलोमीटर टोल में करीब 10 पैसे से लेकर 74 पैसे तक की बढ़ोतरी हुई है। यह बढ़ोतरी अलग-अलग वाहन श्रेणियों के अनुसार तय की गई है, जिससे हल्के और भारी दोनों तरह के वाहनों पर असर पड़ेगा।
इस एक्सप्रेसवे से प्रतिदिन एक लाख से अधिक वाहन गुजरते हैं। ऐसे में टोल दरों में यह वृद्धि बड़ी संख्या में यात्रियों और वाहन चालकों की जेब पर अतिरिक्त बोझ डालेगी। खासकर मालवाहक वाहनों के लिए लागत बढ़ने से ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर भी असर देखने को मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि माल ढुलाई महंगी होने से आगे चलकर जरूरी वस्तुओं की कीमतों में भी हल्की बढ़ोतरी हो सकती है, जिसका असर आम उपभोक्ताओं तक पहुंचेगा।
इसके साथ ही, देश के अन्य राष्ट्रीय राजमार्गों पर भी टोल दरों में संशोधन किया गया है, जिससे लंबी दूरी की यात्रा करने वाले लोगों का खर्च बढ़ना तय है।
कुल मिलाकर, टोल दरों में यह बढ़ोतरी सड़क रखरखाव और संचालन से जुड़ी लागतों को पूरा करने के लिए की गई है, लेकिन इसका सीधा असर आम लोगों और व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ेगा।

